आज कल चल रही चुनावी लहर से मेरी कलम ज़रा कुछ कहना चाहती है (कि कैसे नेता जनता को भटकाते है) पसंद आये तो कुछ कहना।
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दिनांक - 06 मार्च 2014
ऐ एक दिन के राजा बस, यहाँ एक मुहर लगा जा।
देखो तो कितना चमक रहा आज का ये दिन,
जैसे फरियादों पर लगी धुल को साफ़ कर गया हो जिन्न।
ऐ एक दिन के राजा बस,
यहाँ एक मुहर लगा जा।
कहा तो था मैने इस मुहर से सबका होगा भला ,
अपनी यादो को वही छोड़ आजा।
ऐ एक दिन के राजा बस,
यहाँ एक मुहर लगा जा।
*द्वारा - जय प्रकाश
*ब्लॉग - http://callme404.blogspot.in
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दिनांक - 06 मार्च 2014
ऐ एक दिन के राजा बस, यहाँ एक मुहर लगा जा।
देखो तो कितना चमक रहा आज का ये दिन,
जैसे फरियादों पर लगी धुल को साफ़ कर गया हो जिन्न।
ऐ एक दिन के राजा बस,
यहाँ एक मुहर लगा जा।
कहा तो था मैने इस मुहर से सबका होगा भला ,
अपनी यादो को वही छोड़ आजा।
ऐ एक दिन के राजा बस,
यहाँ एक मुहर लगा जा।
*द्वारा - जय प्रकाश
*ब्लॉग - http://callme404.blogspot.in
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