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Wednesday, 5 March 2014

Meri Kalam Se

आज कल चल रही चुनावी लहर से मेरी कलम ज़रा कुछ कहना चाहती है (कि कैसे नेता जनता को भटकाते है) पसंद आये तो कुछ कहना।
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दिनांक - 06 मार्च 2014 

ऐ एक दिन के राजा बस, यहाँ एक मुहर लगा जा। 

देखो तो कितना चमक रहा आज का ये दिन,
जैसे फरियादों पर लगी धुल को साफ़ कर गया हो जिन्न। 

ऐ एक दिन के राजा बस,
यहाँ एक मुहर लगा जा।

कहा तो था मैने इस मुहर से सबका होगा भला ,
अपनी यादो को वही छोड़ आजा। 

ऐ एक दिन के राजा बस,
यहाँ एक मुहर लगा जा।


*द्वारा - जय प्रकाश
*ब्लॉग - http://callme404.blogspot.in

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