लखनऊ में स्कूल परिसर में एक युवती के साथ सामूहिक बलात्कार करके उसके शरीर को इतनी बुरी तरह से निर्दयता के साथ नोचा खसोटा गया है कि उसे पढ़कर सुनकर शरीर की रगों में बहता खून खौफ से जम जाए।रेप के बाद लड़की के गुप्तांग में धारदार चाकू से इतने वार किये गये कि नाड़ियों को फाड़ती खून की धार 80 मीटर दूर तक बह गयी।
आस पास की दीवारों,नल,हैंडपंप,सब पर जमा खून और गड्ढों में भरा खुनी कीचड इस बर्बरता की कहानी को बयां कर गया। लेकिन अपनी पिछली किरकिरी को साफ़ करने में लगी यू पी सरकार और पुलिस प्रशासन इन सबूतों को बेहरमी से मिटाने में जुट गया और खून की बर्बर कहानी को ताकत के अंधे गुरूर में पोंछ दिया गया है।
सुव्यवस्था की तिलांजलि तो प्रशासन दे ही चूका है पर हम और आप अब भी जिंदा है,इसका सबूत दीजिये।
एक दामिनी के लिए देश तब रोया था, एक गुडिया के लिए देश तब जागा था और एक "ज्वाला" के लिए अब आगे आइये। चिंगारी को धधकाइये।

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